मजदूरों का रेलवे किराया देने के लिए कांग्रेस पार्टी तैयार, योगी सरकार नहीं दे रही है लिस्ट: कांग्रेस

एनटी न्यूज़डेस्क/लखनऊ

लखनऊ: उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और कांग्रेस विधायक दल नेता आराधना मिश्रा मोना ने संयुक्त वीडियो प्रेस कॉन्फ्रेंस करके उत्तर प्रदेश सरकार को धेरा। गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने घोषणा की है कि हर प्रवासी मजदूर के रेलवे किराया का भुगतान कांग्रेस पार्टी करने को तैयार है।

सरकार इस विपत्ति में भी किराया वसूल रही

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अजय कुमार लल्लू और आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि मजदूरों ने इस देश के निर्माण में अपना खून-पसीना लगाया है। आज जब देश का मजदूर संकट में है तो सरकार ने उन्हें अकेला छोड़ दिया है। मजदूरों के पास खाने-पीने के लिए कुछ भी नहीं है। सैकड़ों-हज़ारों किलोमीटर की पैदल, सायकिल से यात्रा करने के लिए मजदूर मजबूर हुए हैं। सिर्फ इतना ही नहीं सरकार उनसे इस विपत्ति में भी किराया वसूल रही है। यह अमानवीय और शर्मनाक है।

मजदूरों को रेलवे का किराया देने का वादा

वीडियो प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेताओं ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मजदूरों को रेलवे का किराया देने का वादा किया है। हम मजदूर भाइयों का दर्द समझते हैं, लेकिन गरीब मजदूर विरोधी भाजपा सरकार हमें मजदूर भाइयों की लिस्ट नहीं दे रही है जिससे कि हम मदद कर सकें।

मजदूरों के साथ बर्बर व अमानवीय व्यवहार

कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि हमने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मजदूरों की लिस्ट मांगी थी लेकिन सरकार के तरफ से कोई जबाब नहीं आया। उन्होंने कहा कि यह सरकार मजदूरों के साथ जो बर्बर और अमानवीय व्यवहार कर रही है, उसे भूलाया नहीं जा सकेगा। इतिहास इस सरकार के मजदूर विरोधी काले कारनामे को याद रखेगा।

भूखे-प्यासे यात्रा करने को मजबूर मजदूर

कांग्रेस अध्यक्ष और विधायक दल नेता ने कहा कि देश का मजदूर सैकड़ों-हज़ारों किलोमीटर की यात्रा भूखे-प्यासे करने को मजबूर है। सरकार कोई मदद नहीं कर रही है। कांग्रेस पार्टी की तरफ से जगह जगह पर हमने अपने मजदूर बहन-भाइयों के लिए जलपान कराने की व्यवस्था की लेकिन इस सरकार की अमानवीयता देखिए, हमको इसकी भी अनुमति नहीं मिली। राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी के निर्देशानुसार हाइवे पर पैदल चल रहे श्रमिक और जरूरतमंद लोगों को मदद करने के लिये एक टीम गठित करेगी जो उनके भोजन और ठहराव का प्रबंध करेगी।