आजाद हिन्दुस्तान में पहली बार हुआ है कि जंतर-मंतर पर संविधान की कॉपियां जलाई गयी और बाबा साहब मुर्दाबाद के नारे लगे : हार्दिक पटेल

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एनटी न्यूज डेस्क/ लखनऊ

गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने आज समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ साझा प्रेस कांफ्रेंस की। इस दौरान हार्दिक पटेल ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला। हार्दिक पटेल ने कहा कि बीजेपी के राज में आजाद हिन्दुस्तान में ये पहली बार हुआ है कि जंतर-मंतर पर संविधान की कॉपियां जलाई गयी और बाबा साहब मुर्दाबाद के नारे लगे। भाजपा की केन्द्र सरकार संविधान अंर्तगत शीर्ष संस्थाओ के साथ खिलवाड़ कर रही है, उसे कमजोर किया जा रहा है। संविधान की प्रतियां जलाई जा रही हैं। देश में तानाशाही, हिटलरशाही की सरकार है और आने वाले चुनाव में इस सरकार को हटाने के लिए सभी विपक्षी दल एकजुट हों।

हार्दिक ने कहा कि देश के हालात जिस तरह से हैं, चाहे बेरोजगारी का मुद्दा है, किसानों का मुद्दा है और चाहे देश की सुरक्षा का क्यों न हो, इस पर देश की 125 करोड़ हिन्दुस्तानी लड़ रही है। जनता योगी जी को योगी मानने को तैयार नहीं है। किसानों की स्थिति बहुत दयनीय है। फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। पीएम,सीएम के रास्ते की खुफिया जांच होती है तो सुरक्षा बलों का काफिला जहाँ से गुजरता है उसकी जांच क्यों नहीं होती ? इस प्रश्न का जवाब आने वाले समय में भाजपा की केन्द्र सरकार को देना होगा ।
 
और क्या बोले हार्दिक पटेल 
– पिछले 4 दिन से हम उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में जाकर किसानों और नौजवानों के साथ नुक्कड़ सभाएं करके आज लखनऊ आये हैं। हम और अखिलेश जी मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल में इससे पहले भी मिल चुके हैं।
– पुलवामा में आतंकियों की ओर से जवानों पर जो हमला है, उसमें 13 जवान यूपी से हैं। उनको विनम्र श्रद्धांजलि !
– सीआरपीएफ का जो अर्धसैनिक बल है उसको लेकर मैंने अखिलेश जी से कहा है कि वह मांग उठाये कि सीआरपीएफ के बल को पूर्ण सैनिक बल का दर्जा मिले और सरकारी स्तर पर सीआरपीएफ के जवान को शहीद का दर्जा मिले।
– जिस हिसाब से गुजरात के व्यक्ति ने उत्तर प्रदेश आकर देश की बागडोर संभाली है। तो इस बार भी 2019 के चुनाव में यूपी की भूमिका काफी प्रमुख स्थान पर रहेगी।
– आज देश का जवान और किसान जिस मुश्किल से गुजर रहे हैं, उसको समझने की आवश्यकता है।
– गुजरात के अंदर जो गुजरात का मॉडल दिखाकर प्रधानमंत्री जी ने देश के हालत इतने बदतर कर रखे हैं, वो गुजरात मॉडल नहीं है। आज भी गुजरात में किसान आत्महत्या कर रहा है, आज भी गुजरात के गांवों में पानी पीने की व्यवस्था नहीं है।
– गुजरात मॉडल के नाम पर प्रधानमंत्री जी केवल राजनीति करते हैं। आज भी गुजरात में युवा बेरोजगारी के कगार पर खड़ा है। जो भी प्रधानमंत्री के खिलाफ बात करता है, वह या तो विपक्ष का आदमी हो जाता है, या देशद्रोही हो जाता है।
– इन सारी चीज़ों के खिलाफ सभी प्रमुख विपक्षी पार्टियों को एकत्र होना चाहिए।
– कल मैं प्रतापगढ़, सुल्तानपुर और उससे पहले मिर्जापुर गया था। वहां लोग बीजेपी सरकार से त्रस्त हैं। कोई व्यक्ति योगी आदित्यनाथ को योगी कहने के लिए तैयार ही नहीं है, सब अजय विष्ट बोल रहे हैं। सब लोग योगी की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। प्रदेश में क़ानून-व्यवस्था ध्वस्त है। बुलन्दशहर में जिस तरह से पुलिस इंस्पेक्टर की हत्या हुई, उन्नाव में बलात्कार हुआ, आगरा में बलात्कार हुआ उन सब मुद्दों पर यहां की जनता को जागरूक होना चाहिए।
– उत्तर प्रदेश में 85 प्रतिशत लोग मजदूरी करते हैं, गरीब हैं, बीजेपी सरकार ने इनके लिए कुछ नहीं किया।
– प्रतापगढ़ में कुर्मी समाज का लड़का पिछले 5 महीनों से गायब हैं लेकिन उसकी अभी तक एफआईआर नहीं लिखी गयी।
– मोदी जी प्रधानमंत्री बनने से पहले गुजरात में उत्तर प्रदेश वासियों और बिहारियों को कोसते थे। लेकिन आज उनका दिल्ली जाने का रास्ता उत्तर प्रदेश से तय हुआ है लेकिन उन्होंने उत्तर प्रदेश के लिए कुछ नहीं किया। न 15 लाख खाते में आये, न रोजगार मिला, कुछ नहीं किया।
– 2019 में तानाशाही वाली सरकार को भगाइये। ये देश के नौजवानों की आवाज है।
– अखिलेश जी ने 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में अच्छा काम किया है। इसका उदाहरण ये है कि गुजरात मॉडल में अभी तक मेट्रो नहीं आयी लेकिन अखिलेश जी उत्तर प्रदेश में मेट्रो लाये।