भारत की मेडिकल डिप्लोमैसी 108 देशों को भेज रहा HCQ टैबलेट और पैरासिटामोल

एनटी न्यूज़डेस्क/लखनऊ 

कोरोना वायरस संकट के दौर में भारत ने मेडिकल डिप्लोमैसी से बड़ी लकीर खींच दी है। भारत ने पिछले दो सप्ताह में 100 से अधिक देशों को इस महामारी से लड़ने के लिए दवा भेजी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने हिन्दुस्तान टाइम्स को बताया कि भारत 108 देशों को 8.5 करोड़ हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (HCQ) टैबलेट और 50 करोड़ पैरासिटामोल टैबलेट भेज रहा है। इसके अलावा पैरासिटामोल टैबलेट बनाने के लिए 1 हजार टन मिश्रण भी भेजा है।

अधिकारी ने कहा, ‘अभी जब हम बात कर रहे हैं भारत 60 देशों को 4 हजार से अधिक कंसाइनमेंट भेज चुका है। मेडिकल सप्लाई कुल 108 देशों को भेजा जा रहा है।’ यह आपूर्ति इंडियन एयर फोर्स के विमान, विदेशी नागरिकों को लेने आ रहे चार्टर और दूसरे टिप्लोमैटिक कार्गो के जरिए हो रही है। यह एक बहुत बड़ा अभियान है और काफी जटिल भी है, क्योंकि भारत सहित अधिकतर देशों में विमान परिचालन बंद है।

35 देशो को भेजा जा चूका है संजीवनी बूटी

बुधवार को मॉरिसस और सेसेल्स के लिए स्पेशल इंडियन एयरफोर्स के विमान से दवा भेजी गई है। स्पेशल चार्टर से अफगानिस्तान भी दवा भेजने का प्रयास किया जा रहा है। साउथ ब्लॉक के अधिकारियों के मुताबिक कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में 31 देशों को 50 लाख HCQ टैबलेट और बड़ी मात्रा में पैरासिटामोल भेजा जा चुका है या प्रक्रिया में है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘पहले दवा उन मित्र देशों को भेजने का प्रयास है जो इस वायरस से बुरी तरह प्रभावित हैं। हम कुछ और देशों की अपील को मंजूर करने जा रहे हैं जिन्होंने जरूरत की इस घड़ी में मदद मांगी है। यह एक दो दिन में हो जाएगा।’

दरसअल भारत अपने लिए पर्याप्त स्टॉक रखने के बाद दवा आपूर्ति में जुटा है। विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, ‘जो भी तैयार था और एयरपोर्ट/पोर्ट्स पर पड़े थे और घरेलू इस्तेमाल नहीं हो सकता था उन्हें भेजा जा चुका है।’ भारत 24 देशों अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, फ्रांस, स्पेन और नीदरलैंड्स को 8 करोड़ HCQ टैबलेट वाणिज्यिक समझौते के तहत दे चुका है। भारत ने इटली, स्वीडन और सिंगापुर सहित 52 देशों को पैरासिटामोल टैबलेट बड़ी मात्रा में भेजा है। कई देशों को दोनों दवाएं भेजी गई हैं।