भारतीय एयरफोर्स ने आतंकियों को शिविरों सहित किया तबाह

एनटी न्यूज / डेस्क

पुलवामा में आतंकी हमले के बाद से पूरे देश में पाकिस्तान व आतंकवाद के खिलाफ गुस्सा देखने को मिल रहा था. लेकिन 26 फरवरी की सुबह की खबर ने देश भर में एक संतोष की सांस दिलवा दी.

एलओसी पार पहुंचे मिराज-2000

भारतीय वायु सेना ने मंगलवार तड़के पाकिस्तान में घुसकर पुलवामा आतंकवादी हमले का बदला लिया. हमले के लिए दर्जन भर लड़ाकू विमान मिराज-2000 गए हुए थे. सभी विमान आतंकी ठिकानों को ठिकाने लगाकर सकुशल लौट भी आए हैं. वायु सेना ने बालाकोट, चकोठी और मुजफ्फराबाद में आतंकियों के प्रशिक्षण कैंपों पर ताबड़तोड़ हमले किए. बालाकोट में हुए हमले में जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर का करीबी रिश्तेदार अजहर यूसुफ (उस्ताद गौरी) मारा गया है.

बालाकोट के टारगेट प्वाइंट

आतंकी शिविरों को लेकर पाकिस्तान को पहले भी चेताया जा चुका था

बालाकोट पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में स्थित है जबकि चकोठी और मुजफ्फराबाद पीओके में हैं. भारतीय विदेश सचिव विजय गोखले ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शिविर चलने के खुफिया इनपुट्स मिले थे. सूचना यह भी थी कि यहां बड़ी संख्या में आतंकी मौजूद थे. गोखले ने कहा कि पाकिस्तान को आतंकी शिविरों के बारे में कई बार सबूत दिए गए थे लेकिन उसने कोई कार्रवाई नहीं की.

भारतीय विदेश सचिव विजय गोखले

आईसी-814 के अपहरण में शामिल था उस्ताद गौरी

विजय गोखले ने आगे बताया कि बताया कि बालाकोट आतंकी शिविर को जैश सरगना मौलाना मसूद अजहर का करीबी रिश्तेदार अजहर यूसुफ उर्फ उस्ताद गौरी चला रहा था. इस हमले में वह मारा गया है. अजहर 1999 में भारतीय विमान आईसी-814 के अपहरण में भी शामिल था. अजहर के खिलाफ भारत में अपहरण और हत्या के मामले दर्ज हैं.