आज ही के दिन हुआ था भारत में पहले टेस्ट ट्यूब बेबी का जन्म :रोचक जानकारी

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एनटी न्यूज डेस्क/ श्रवण शर्मा / दिल्ली

सृष्टि का सृजन अपने आप में एक अजूबा है और बच्चे के जन्म लेने की प्रक्रिया कुदरत के किसी करिश्मे से कम नहीं, लेकिन इंसान ने टेस्ट ट्यूब के जरिए बच्चे के जन्म की प्रणाली का विकास कर इस करिश्मे में एक और कड़ी जोड़ दी.

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देश भौचक्का रह गया

महिला दिवस के ठीक पहले उनके जीवन में किलकारियां गूंज उठीं। जो 29 वर्ष पहले मुंबई की पहली टेस्ट ट्यूब बेबी हर्षा चावड़ा मां  बनीं . 6 अगस्त 1986 को आईवीएफ तकनीक से हर्षा चावड़ा का जन्म हुआ था. हर्षा इस समय 32 साल की हैं. हर्षा की डिलीवरी जसलोक अस्पताल की डॉक्टर इंदिरा हिंदूजा और डॉक्टर कुसुम झवेरी ने करवाया.

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मां बनने के बाद हर्षा ने कहा कि उन्हें शिवरात्रि के दिन बेटे की प्राप्ति हुई है, ये भगवान भोलेनाथ का प्रसाद है जो उनके जीवन में नई खुशियां लेकर आया है. गौरतलब है कि हर्षा चावला ने 14 मई माटुंगा निवासी वित्तीय सलाहकार दिव्यपाल शाह से शादी की थी.

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15 हजार टेस्टट्यूब बच्चों को जन्म दिया

डॉक्टर हिंदुजा के मुताबिक आईवीएफ तकनीक से जन्मीं हर्षा और उसका बच्चा दोनों ही सेहतमंद हैं. इतना ही नहीं डॉक्टर हिंदूजा के मुताबिक हर्षा ने एक 3.18 किलोग्राम के स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया है. डॉक्टर हिंदूजा ने हर्षा के बाद तकरीबन 15 हजार टेस्टट्यूब बच्चों को जन्म दिया है.

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आईवीएफ एवं इनफर्टिलिटी बना वरदान

इस बारें में पता एक सर्वे में चला है कि देश के करीब ढाई करोड़ लोग इस सुविधा का फायदा उठा चुके हैं.  इन ढाई करोड़ जनता में 1.3 करोड़ से 1.9 करोड़ जोड़े मां-बाप बनने की स्थिति में नहीं थे लेकिन आईवीएफ के चलते उनके घर में बच्चों की किलकारी गूंज रही है.

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