पत्रकार का एक्सीडेंट करने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली को निजी लाभ व दबाव के चलते कोतवाल ने छोड़ा

एनटी न्यूज / बलरामपुर-उतरौला

वर्दी पर एक बार फिर से प्रश्न उठ रहे हैं. जी हां, मामला बलरामपुर जिले का है. जहां एक पत्रकार का एक्सीडेंट एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से होता है. ट्रैक्टर का ना तो कोई कागजात है और न ही चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस. 28 मार्च के दुर्घटना मामले का उच्च अधिकारियों के निर्देश पर एफआईआर दर्ज कर वह ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त भी की गई लेकिन कोतवाल अवधेश राय ने निजी लाभ के चलते विवेचक को बिना सूचना दिए गाड़ी रिहा कर दी.

बजरंग बली नाम लेने पर प्रतिबंध के बाद उन्हीं की शरण में सीएम योगी

बिना नंबर पड़े ट्रॉले ने मारी टक्कर

28 मार्च को रात करीब 11 बजे नेशनल वॉयस न्यूज चैनल के बलरामपुर जिला ब्यूरो चीफ राहुल पांडेय वैगनआर से घर लौट रहे थे. तभी अचानक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने सामने से टक्कर कर दी जिससे कार चला रहे पांडेय का सिर फट गया. हालांकि गंभीर स्थिति में उन्हें रात में ही लखनऊ स्थित सहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस बावत उनके परिजनों ने तहरीर लिखवाई. मामले की जांच की एसआई धर्मेंद्र कुमार कर रहे हैं. परिजनों ने एक्सीडेंट करने वाले की पुष्टि के लिए कई प्रमाण प्रस्तुत किए.

प्राथमिकी की प्रति

बिग न्यूजः यूपी के बागपत में कच्चा तेल मिलने के संकेत, खुदाई शुरू

कोतवाल ने ट्रॉले को जाने दिया

एफआईआर के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली को उतरौला कोतवाली में खड़ी कर दिया गया लेकिन कोतवाल ने 13 अप्रैल को ट्रैक्टर-ट्रॉली को विवेचक को बिना सूचना दिए जाने दिया. 15 अप्रैल को पुनः एक्सीडेंट के बाद एंगल सही करा कर डेंटिंग-पेंटिंग कराके दुर्घटना में प्रयुक्त गाड़ी कोतवाल परिसर में खड़ी कर दी गई जिससे दुर्घटना के साक्ष्य न मिल सकें. इसमें विपक्ष व कोतवाल की मिलीभगत से सबकुछ हुआ है.

मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र जिसमें लोगों द्वारा चुनाव आयोग को भी इंगित किया

जलियांवाला बाग कांडः मेरी प्रतिज्ञा पूरी, अब चाहे फांसी पर लटका दिया जाय

अगर न्याय न हुआ तो धरने के साथ होगा चुनाव बहिष्कार

जिलाधिकारी को ज्ञापन देते जिला पंचायत सदस्य चंद्र प्रकाश पांडेय

कोतवाल अवधेश राय ने साशन सत्ता के दबाव व निजी लाभ के चलते ऐसा किया. यह बातें जिला पंचायत सदस्य चंद्र प्रकाश पांडेय ने न्यूज टैंक्स को बताया. चंद्र प्रकाश ने आगे बताया कि यदि न्याय न हुआ और कोतवाल का स्थानांतरण न हुआ तो करीब 20 गांव के लोग 23 अप्रैल से तहसील के सामने धरने पर बैठकर प्रशासन व चुनाव का बहिष्कार करेंगे.