मुंबई की रेडियो इंडस्ट्री में यूपी के हर्षित का बोलबाला

एनटी न्यूज / लखनऊ डेस्क

हौसले बुलंद हों और लक्ष्य को पाने मेें दृढ़ निश्चय हो तो देर भले हो लेकिन लक्ष्य मिलना निश्चित है. ऐसा ही किया हर्षित श्रीवास्तव ने. लखनऊ में कॉल सेंटर से नौकरी शुरू करने वाले हर्षित आज मुंबई में आरजे हैं.

आरजे हर्षित

लखनऊ में कॉल सेंटर से नौकरी की शुरुआत करने वाले हर्षित श्रीवास्तव ने साल 2010 में ग्रेजुएशन की पढाई करनी शुरु की. घर की आर्थिक स्थितियों से जूझते हुए बारहवीं के तुरंत बाद घर की जिम्मेदारी आ गयी और मध्यम वर्गीय परिवार में सरकारी नौकरी को सब कुछ माना जाता है लेकिन बैंक का पहला पेपर देते वक़्त ये एहसास हुआ कि सब बच्चे तो पेपर दे रहे हैं लेकिन मैं खुद को धोखा दे रहा हूं. ये काम नहीं करना. मैं नहीं बना हूं इसके लिये. पर जब पैसे जेब में कम हों तो अक्सर अपने लोग अपनी जेब से खिसक जाते हैं. कुछ ऐसा हुआ हर्षित के साथ भी. महँगे कॉलेज की फीस दे नहीं सकते थे और वैसे पढ़ाई में भी औसत थे. रिश्तेदार इसमें उत्प्रेरक का काम करते कोई चाहता था उसकी दुकान का नौकर बना ले तो कोई चाहता था कि मैं चाय का ठेला लगा लूं पर मेरे पास सिर्फ मेरा विश्वास था और इस कश्मकश का अंत हुआ कि प्राइवेट नौकरी के साथ वो भी कॉल सेंटर में.
पर जब नौकरी शुरु करी तब बिल्कुल अन्दाजा नहीं था कि क्या करना है?

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बॉस के उलाहने ने करियर को नई दिशा दे दी

एक दिन इनके बॉस ने कॉल ऑडिट करते समय कहा “तुम खुद को आर जे समझते हो क्या जो इतनी तेज़ और स्टाइल में बोलते हो” बस इस बात के बाद इन्हें ये एहसास हुआ कि शायद मैं आरजे बन सकता हूं. हर्षित आज 2019 में मुंबई शहर के एक बड़े शो को होस्ट करते हैं और बॉलीवुड के कई कलाकार इनके दोस्त हैं.

कैसा रहा अब तक का करियर सफर

साल 2010 में शुरू हुई खोज 2012 में इंटर्नशिप से शुरू हुई. उसके बाद एक साल तक बिना वेतन के काम करने के बाद साल 2013 में पेहली जॉब कानपुर में मिली. कड़ी मेहनत के बाद दिल्ली के लिए प्रमोशन मिला और उसके बाद साल 2016 से अब तक मुंबई में हैं. आरजे बनने के लिए या किसी भी मुकाम को हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत और लगन तो चाहिये ही साथ में सबसे बड़ी बात है ये कि गुरू-शिष्य का रिश्ता नहीं भूलना चाहिये.

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आरजे का सपना सजाने वालों के लिए सीख

हर्षित बताते हैं कि हर प्रोफेशन में कोई-न-कोई आपसे समझदार है. इसलिए पहले सीखो और सुनो आदर सम्मान करना जरूरी है. यही चीज आपको जमीन से जोड़े रखती है. कई लोगों को लगता है कि आरजे बनने के लिए आवाज का भारी होना जरूरी है या बहुत बोलने वाले लोग ही आरजे बन सकते हैं पर ऐसा नहीं है. आरजे बनने के लिये सबसे महत्वपूर्ण है कि आपको देश दुनिया और आपके आस-पास क्या हो रहा है इसकी जानकारी हो. आप सजग हों और नयी चीजों को सीखने-समझने में इंटरेस्ट लेते हो बाकी ग्रेजुएट होना ही इसकी प्रारंभिक आवश्यकता है.

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