संस्कृति हत्याकांडः अब एक हमउम्र रिश्तेदार संदिग्ध, पुलिस ने मांगा थोड़ा वक्त

- in अपना यूपी, लखनऊ

संस्कृति हत्याकांड मामले में पुलिस की कार्रवाई में सवालिया निशान खड़ा करके पूरा उत्तर प्रदेश संस्कृति को न्याय दिलाने के लिए खड़ा होता जा रहा है. इसी बीच एसएसपी लखनऊ दीपक कुमार का एक उत्तर प्रदेश की जनता के नाम एक खुला पत्र जारी हुआ है जिसमें एसएसपी द्वारा कहा गया है कि-

एसएसपी लखनऊ ने जारी किया पत्र

हम और हमारी टीम इस केस में लगातार निष्पक्ष होकर कार्यरत हैं. हमारी टीम संस्कृति के पिता जी, श्री उमेश राय के संपर्क में है. स्थानीय एसएचओ सुजीत राय और चौकी इंचार्ज राजेश राय भी इस दिशा में लगातार तीव्र गति से कार्य कर रहे हैं. पुलिस द्वारा अभी तक किए गए कार्य इस प्रकार हैं-

पुलिस को जैसे ही इस केस की जानकारी होती है, बिना देरी के पुलिस संस्कृति को अस्पताल लेकर जाती है, जहां पहुंचने के बाद उसके निधन की दुखद खबर हमें मिलती है.

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रात में ही उसका पोस्टमार्टम कराया जाता है और उनके नजदीकी रिश्तेदार शर्मा जी और सीओ एलआईयू राधेश्याम राय स्वयं पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद रहे. पोस्टमार्टम में बिटिया संस्कृति की मौत की वजह, सिर में गहरी चोट लगने से अधिक रक्तस्राव हो जाने से, रही है. उसके साथ कोई भी दुराचार नहीं हुआ है.

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इस केस में बहुत से लोग गुमराह करने की कोशिश भी कर रहे हैं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का सत्य जाने बिना सोशल मीडिया पर संस्कृति के केस में रेप होने की पुष्टि कर रहे हैं, जो कि सत्य नहीं है.

संस्कृति के हत्या के पीछे जो अपराधी हैं उनको पकड़ने के लिए प्रदेश के 55 पुलिसकर्मियों की टीम बनाई गई है. अब तक करीब 20 हजार से ज्यादा सीडीआर को खंगाला गया है. 150 से भी ज्यादा लोगों से पूछताछ जारी है. इस केस को देख रही टीम का एक-एक आदमी दिन-रात मेहनत किए हुए है, हम सभी निष्कर्ष तक पहुंचना चाहते हैं. हम आपके लिए हैं, लेकिन आपको हम सब पर भरोसा करना होगा.

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पुलिस अपना कार्य कर रही है. आप सब जानते हैं कि केस की मजबूती केस की गोपनीयता बनाए रखने से होती है, जिससे अपराधी तक पहुंचने में मदद मिलती है. आप सब अपना साथ दीजिए. भारत के नागरिक को भी सजग रहना चाहिए, केवल पुलिस के सजग रहने से हर कार्य संभव नहीं होता, जब तक समाज के हर नागरिक का सहयोग न मिले.

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संस्कृति मेरे लिए बहन-बेटी जैसी है. मैं परिवार के दर्द को महसूस करता हूं, किस पर क्या गुजर रही है. लेकिन हम भी इंसान हैं, हमें आप सब का साथ चाहिए. हम लगातार कोशिश कर रहे हैं कि अपराधियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे लाया जा सके. उत्तर प्रदेश पुलिस इस केस में हत्यारों को सजा दिलाने के संकल्प के साथ चल रही है, जिससे बेटी संस्कृत को उचित न्याय मिल सके.

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हम आप पर भरोसा करते हैं कि आप पुलिस प्रशासन को थोड़ा वक्त देंगे जिससे जो दोषी हैं उनको पकड़ा जा सके. आप सब पुलिस प्रशासन पर विश्वास करते आए हैं, वैसे करते रहें. हम जरूर कामयाब होंगे.

…अब एक हमउम्र रिश्तेदार संदिग्ध

पुलिस के मुताबिक संस्कृति के एक हमउम्र रिश्तेदार को संदिग्ध माना जा रहा है. वह अक्सर घर आता-जाता रहा है. उसकी गतिविधियों पर पुलिस नजर बनाए हुए है. पुलिस सूत्रों का कहना है कि इसके अलावा अन्य पहलुओं की पड़ताल में पुलिस को अब तक कोई भी खास जानकारी नहीं मिल सकी है.

21 जून को लौट रही थी अपने गृह जनपद

ज्ञात हो कि बलिया के भगवान पुर निवासी अधिवक्ता उमेश राय की बेटी संस्कृति लखनऊ में रहकर राजकीय पॉलीटेक्निक में पढ़ती थी. वह सेमेस्टर परीक्षाओं के ख़त्म होने के बाद 21 जून को अपने घर लौट रही थी. रास्ते में घर लौट रही पॉलीटेक्निक छात्रा की निर्मम हत्या