बंदूक चाहिए तो पहले कोई हमला करो, ऐसे बहकाया जाता है युवाओं को

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एनटी न्यूज / लखनऊ डेस्क

जम्मू कश्मीर के बस स्टैंड पर ग्रेनेड से हमला करने वाला यासिर जावेद बट पिछले एक साल से हिजबुल मुजाहिद्दीन से जुड़ा हुआ था. जावेद ने कई आतंकियों के लिए बैंकों से पैसे के लेन-देन किये हैं. वह आतंकियों के लिए हथियार भी सप्लाई करने का काम करता था. पुलिस से पूछताछ में जावेद बट ने यह जानकारी दी.

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अब मुजाहिद बनना है…

वह कई दिनों से हथियार सप्लाई करना और पैसे के लेन-देन कर करके एक पोसेट मैन की तरह काम करता था. उसने कुलगाम जिला कमांडर फारुक अहमद बट से कहा कि वह अब कुछ बड़ा करना चाहता है. पोस्टमैन का काम कर करके थक गया है इसलिए उसे कुछ बड़ा काम दिया जाय. अब मुजाहिद बनना है. कब तक वह इतना ही करता रहेगा, उसे अब बंदूक सौंपी जाय.

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हमले की प्रतीकात्मक तस्वीर

पहले कोई छोटा-मोटा काम करो

यासिर जावेद ने आगे बताया कि फारुक ने कहा कि पहले कोई छोटा-मोटा काम करके दिखाओ. पता तो चले कि कर भी सकते हो कि नहीं. जाओ पहले कश्मीर में ग्रेनेड हमला करके दिखाओ. तब मैंने कहा ये कौन सी बड़ी बात है. आज ही करके आता हूं. बिरयानी की टिफिन में ग्रेनेड छुपा कर लाया था जिससे किसी को पता न चले.

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ग्रेनेड बम

इसकी क्या ट्रेनिंग लेना?

यासिर जावेद से जब पूछा गया कि क्या उसने ग्रेनेड की ट्रेनिंग ली है? तो उसने तपाक से जवाब दिया कि ग्रेनेड की क्या ट्रेनिंग लेना, बस पिन खींचो और फेंक दो. मेरे पास ऐसे ग्रेनेड कई बार रखे गए हैं.

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